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खराब जलमीनार |
अनिल कुमार चौधरी/angara(ranchi) बीसा पंचायत के कडरू टोली गांव में भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया। गांव का एकमात्र पेयजल मीनार एक साल से खराब है। इससे गांव की करीब पचास परिवारों के बीच पेयजल आपूर्ति बंद है। गांव में दो चापानल है जिसमें से एक खराब है। कडरू टोली गांव शतप्रतिशत आदिवासी भोगता जाति बहुल है। कई बार पेयजल मीनार को बनाने की मांग की गई लेकिन कुछ नही हुआ। पांच साल पहले गांव में आठ हजार लीटर झमता की पेयजल मीनार का निर्माण हुआ था। बिजली से पेयजल मीनार संचालित हो रहा था। वर्तमान समय में पेयजल मीनार की टंकी टूटकर लटका हुआ है।
बीसा के ग्रामप्रधान उमेश कुमार बड़ाईक ने बताया कि पूरी जनजाति आबादी पेयजल के लिए एक चापाकल पर निर्भर है। इस चापानल से भी कम पानी आ रहा है। ग्रामीण प्रतिदिन आसपास के गावों से पानी ला रहे है। काफी परेशानी है। इस पेयजल मीनार को कभी पूर्ण बनाया ही नही गया। इसे अविलंब बनाकर पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए। नल-जल योजना के तहत गेतलसूद से ही रही पेयजल आपूर्ति कनेक्शन भी ग्रामीणों को नही दिया गया है। कुछ लोगों को कनेक्शन तो दिया लेकिन पेयजल आपूर्ति नही हो रही है। इधर
पेयजल स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता प्रभात कुमार ने कहा कि उक्त् स्कीम पांच साल पुराना है। तीन साल तक की संवेदक मेंटनेंस करता है। ग्रामीणों ने उक्त् योजना को हैंडओवर नही लिया। किसी उपभोक्ता ने रेंट भी नही भरा। रेखरेख के अभाव में पेयजल आपूर्ति सिस्टम खराब हो गया। जल्द ही प्राक्कलन बनाकर जलमीनार की मरम्मत कराया जाएगा।
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