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हरिशंकर पत्रलेख |
Deoghar: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के पिता हरिशंकर पत्रलेख उर्फ मुखिया जी का बुधवार को निधन हो गया। वे करीब 80 वर्ष के थे। बीती रात अचानक मुखिया जी की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए पैतृक गांव से देवघर लाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही डुमरी के पास उनका निधन हो गया। हरिशंकर पत्रलेख उर्फ मुखिया जी ताउम्र कांग्रेस से जुड़े रहे और जरमुंडी विधानसभा से चुनाव भी लड़े। देवघर जिले के सारवां प्रखंड के कुशमाहा में उनका पैतृक गांव है, जहां मुखिया जी का दाह संस्कार होगा। मुखिया जी अपने पीछे बड़े पुत्र बदल पत्रलेख, छोटे पुत्र विक्रम पत्रलेख, पत्नी समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने शोक प्रकट किया
उधर, हरिशंकर पत्रलेख के निधन पर देवघर जिला कांग्रेस कमेटी ने शोक व्यक्त किया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रो. उदय प्रकाश, जिला बीस सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डॉ. मुंन्नम संजय, जिला महासचिव दिनेश मंडल ने इसे पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता अशोक राय ने हरिशंकर पत्रलेख उर्फ मुखिया को याद करते हुए कहा कि 1983 में जब देवघर जिला कांग्रेस युवक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मैं हर प्रखंड में संगठन का काम जमीनी स्तर पर शुरुआत किया, तब से मेरे गिने-चुने मित्रों में से मुखिया जी लगातार मेरे अभिन्न साथी रहे । वे प्यार से मुझे एडवोकेट जेनरल भी कह देते थे। मुखिया जी स्वयं जरमूंडी विधानसभा चुनाव लड़े और बाद में इनकी मेहनत का फल इनके पुत्र बादल पत्रलेख को मिला और लगातार दो बार बादल विधायक और एक बार हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे।
Harishankar Patralekh, father of former minister Badal Patralekh, passed away
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