![]() |
पाहन को सम्मानित करते जैलेन्द्र कुमार |
सरहुल पर्व नवजीवन का प्रतीक: जैलेन्द्र कुमार
जैलेन्द्र कुमार ने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान है सरहुल महापर्व। यह सिर्फ आदिवासी समाज नही यहां की जनमानस का पर्व है। समाज के सभी लोग इसमें बढ़चढ़कर भाग लेते है। सरहुल पर्व नवजीवन का प्रतीक है। यह हमें सकारातमक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। इस मौके पर जैलेन्द्र कुमार ने पाहनों को सम्मानित किया। आयोजन समिति के द्वारा सभी खोरहा टीमों को सम्मानित किया गया।
इनकी रही उपस्थिति
अतिथि के रूप में मुखिया मंजोती देवी, उपमुखिया संजय भोगता, पंसस मानेश्वर मुंडा, भाजपा नेता सत्येदव मुंडा, उमेश कुमार बड़ाईक, आजसू नेता पारसनाथ उरांव, प्रमुख दीपा उरांव, कांग्रेस नेता शिवदास गोस्वामी, एतवा उरांव, बाप पार्टी के नेता मंशा बड़ाईक थे। आयोजन को सफल् बनाने में अध्यक्ष दिलीप पाहन, सचिव पुशवा लोहारा, कोषाध्यक्ष राजेश भोगता, केतरा पाहन, टीरचा पाहन, शंकर पाहन, रोहित बेदिया, धनेश्वर भोगता, कपिल बड़ाइक, बालक राम पाहन, बालेश्वर पाहन, अशोक बेदिया, हर्षनाथ भोगता, सोहन बेदिया, कमलाकांत पाहन, विजय उरांव का उल्लेखनीय योगदान रहा।
एक टिप्पणी भेजें
please do not enter any spam link in the comment box.