Kanke (Ranchi): पिठोरिया के हेठ बालू गांव में 1 अप्रैल को सरहुल के दिन आदिवासी और मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के बीच हुई मारपीट की घटना की मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कड़ी निंदा की है। इसे मुस्लिम और आदिवासी समुदाय के बीच मतभेद पैदा करने की साजिश बताया है। साथ ही, पुलिस से घटना की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस मुद्दे पर गुरुवार को हुई बैठक में सेंट्रल अंजुमन कांके, आमया रांची, अंजुमन कमेटी बालू, अंजुमन कमेटी सतकनादू, अंजुमन कमेटी कोकदोरो, अंजुमन कमेटी पिठोरिया, होचर, कोल्याकांदू सहित मुस्लिम समुदाय के कई संगठनों के काफी संख्या में लोग शामिल हुए। कांके सेंट्रल अंजुमन कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में पिठोरिया के हेठ बालू गांव में सरहुल शोभायात्रा के दौरान, जो घटना घटी उसकी कड़ी निंदा की गई। साथ ही, निर्णय लिया गया कि उपद्रव करने वाले का कोई जाति-धर्म नहीं होता है। समाज के लोग प्रशासन के साथ हर संभव खडे हैं, जो भी घटना में शामिल हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा हो, खुद मुस्लिम समाज के लोग भी घटना में शामिल उपद्रवियों को पकड़कर पुलिस को सौंपेंगे। किसी भी क़ीमत पर आपसी भाईचारा और शोहार्द को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।पिठोरिया घटनाको लेकर बैठक करते मुस्लिम समुदाय के लोग।
आमया अध्यक्ष एस. अली ने कहा...
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Pithoria incident: Muslim intellectuals held a meeting in Kanke and condemned it
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