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सरदार पंडा गुलाबचंद ओझा के नेतृत्व में पंचशूलों की पूजा करते पुरोहित। |
Deoghar : महाशिवरात्रि पर बैद्यनाथधाम में बाबा बैद्यनाथ, मैया पार्वती समेत अन्य मंदिरों के उतारे गए पंचशूलों की मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना हुई। बैद्यनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी सह सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने षोडषोपचार विधि से पंचशूलों की पूजा की। गुलाब पंडित ने उन्हें मंत्रोच्चार के साथ पूजा करवाया। पूजन के बाद सभी मंदिरों के शिखरों पर पंचशूलों को विधि-विधान पूर्वक पुनर्स्थापित कर दिया गया। इसके बाद बाबा बैद्यनाथ और मैया पार्वती मंदिर के बीच गठबंधन किया गया। उल्लेखनीय है कि महाशिवरात्रि के पूर्व बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण के सभी 22 मंदिरों के शिखरों पर स्थापित पंचशूलो को उतारा जाता है और उसकी साफ-सफाई के बाद विशेष पूजन के बाद उसे पुनर्स्थापित कर दिया जाता है। यह परंपरा काफी प्राचीन है। सोमवार को बाबा बैद्यनाथ और मैया पार्वती मंदिर के शिखर पर लगे पंचशूलों को उतारा गया था। जबकि अन्य मंदिरों के पंचशूलों को पहले उतारा गया था। बाबा और पार्वती मंदिर के पंचशूलों को उतारने के बाद उनका मिलन कराया गया था। इस दौरान पंचशूलों को स्पर्श करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। लोगों ने मस्तक सटाकर पंचशूलों को नमन किया और बाबा बैद्यनाथ और मैया पार्वती का आशीर्वाद लिया। पंचशूलों को स्पर्श करने के लिए मौजूद भक्त बाबा बैद्यनाथ का जयकारा लगा रहे थे।
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